प्रकृति का अस्तित्व

इस संसार में जो कुछ भी है वह अपनी अहमियत रखता है फिर चाहे वह एक कंकड़ हो या शाख से टूटा कोई सूखा पत्ता...बेजान होने के नाते हम उसे फालतू समझते हैं...उसी तरह हमारी प्रकृति में मौजूद एक एक कण अपना वजूद रखता है उसका होना जरूरी है बस इसलिए वो है भले उसके होने की वजह इंसान ना देख पाता हो...और इसी अनदेखी की वजह है आज का उत्तराखंड का हादसा....

इंसान इस दौड़ में है कि इस पूरी दुनिया में जहां भी हो बस वही हो..फिर चाहे उसके लिए उसे, जंगल काटने पड़े, पहाड़ तोड़ने पड़े, या नदियां पाटनी पड़े...अपनी लालच को तरक्की का नाम देकर चांद और आसमान तक पहुंचते इंसान को रुककर सोचना होगा...
यह समझना होगा की इस धरातल पर जितना जरूरी वह खुद है उतना ही ज़रूरी हर कण कण है...आप प्रकृति से छेड़छाड़ करोगे तो वह आपकी कंप्लेन करने आपके खरीदे हुए पुलिस स्टेशन नहीं जायेगी मेरे भाई, प्रकृति के अस्तित्व को चोट पहुंचाने की कोशिश करोगे तो यही होगा जो आज उत्तराखंड में हुआ... और ये तो शुरुवात...आप अपना नही बिगाड़ रहे आप बिगाड़ रहे हो अपने भविष्य का...क्या देकर जाओगे अपने बच्चों को सूखी नदियां, बदबूदार तलाब, खोखले पहाड़, प्रदूषित हवा, बैक्टीरिया भरा पेय जल, मशीनरी वाली सांस, और दवाओं की पर्ची...
अब भी वक्त है चारों आंखें खोलकर देखो, कंप्यूटर वाले हैंग हुए दिमाग को रिफ्रेश करके सोचो😔

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@ammazworld

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