जिंदगी जिंदादिली में बसती है

जिंदगी जिंदादिली में बसती है
और मैं जिंदादिल हूं
फिक्र मुझे उन जिंदागियो की है
जो ना चाहते हुए भी घुटती है
तिन तिन करके मरती है
नहीं कह पाती अपने दिल की जुबां किसी से
और एक दिन जमाने से रुखसत अदा करती है
अगर आप भी जिंदादिल हैं तो  जिंदा होने का फर्ज अदा कीजिए
अपने आस पास की घुटती जिंदगियों में झाकिए
और एक के इंसान होने का कर्ज अदा कीजिए।



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