हां मैं भीड़ का किसान हूं....
मुद्दा ये नहीं की मैं किसान हूं
बात सिर्फ इतनी है कि
ये देश मेरा और मैं इस देश का अभिमान हूं
मुद्दा ये नहीं की मेरी जीत हो
बात सिर्फ इतनी है कि
मेरी समझ से क्यों परे है
मेरी ही बात हित की
मुद्दा ये नहीं कि
सरकार अडिग है बात पर अपनी
बात सिर्फ ये है कि उन्हें
हमसे ज्यादा हमारी परवाह क्यों इतनी
मुद्दा ये नहीं की
भीड़ है कुछ दिन कि छट जायेगी ही
बात सिर्फ इतनी सी है
कि अब हर भीड़ में एक किसान है।
मुद्दा ये नहीं कि
मुद्दा सुलझने को तैयार नहीं,
बात सिर्फ इतनी है कि
सरकारी दहेज का वजन ना कम हो जाए कहीं।
मुद्दा ये है
अब जीत की आगाज़ से शुरू आंदोलन का जीत से ही अंत होगा
अनाज का मान बड़े अब यही हर किसान का अभिमान होगा।
मुद्दा ये नहीं की मैं किसान हूं
बात सिर्फ इतनी है कि
ये देश मेरा और मैं इस देश का अभिमान हूं
@ammazworld@gmail.com
Bahut khoob
जवाब देंहटाएंApka bahut bahut shukriya...
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